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October, 2012 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

नशामुक्ति की प्रेरणादायी पहल

नशामुक्ति की प्रेरणादायी पहल एक के बाद एक अनेक राज्यों ने अपने यहां गुटखा बनाने]बेचने और खाने पर प्रतिबन्ध लगाने का अध्यादेश लागू कर दिया है। इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा] उत्तर प्रदेश के कुछ गांवों ने भी गुटखा] तम्बाकू और मदिरा विक्रय] क्रय और सेवन पूर्णतः प्रतिबन्धित कर दिया है। वहां इन्हें बेचनेवालों पर एक हजार] सेवन करनेवालों पर पांच सौ रुपए का दण्ड और इनकी बिक्री व प्रयोग की सूचना देनेवाले को सौ रूपए का ईनाम घोषित किया गया है। इन अच्छी बातों की सामूहिक सामाजिक पहल हमें नई उमंग और ऊर्जा से भर देती है। लगने लगता है कि समाज में सब कुछ बुरा ही नहीं है। कुछ अच्छे काम भी हो रहे हैं। किन्तु यह दुखद है कि इस प्रकार का सकारात्मक और समाज सुधार कार्य अधिक प्रचारित नहीं हो पाता है। जनसंचार माध्यम नकारात्मक घटनाओं-परिघटनाओं पर अधिक केन्द्रित हो गए हैं। उनका ध्यान आंतकी गतिविधियों की तन्तुपरक खोज करके उसके समाचार प्रसारित करने पर लगा रहता है। इसके अलावा इलेक्‍ट्रानिक मीडिया द्वारा अनुपयोगी घटनाओं को विस्तृत रूप से प्रकाशित करना या उनको बारम्बार सुनाने की कार्यप्रणाली भी परोक्ष रूप से अनुचित और असा…

जनविकासी हों निर्णय

जनविकासी हों निर्णय
शक्रवार दिनांक 12 अक्टूबर को केन्द्रीय सूचना आयुक्तों के सम्मेलन में सूचना अधिकार को निजता में हनन न होने देने की शर्त पर इसके परिसीमन करने की बात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उठायी। सूचना अधिकार से लोगों को यदि यूपीए की कारगुजारियों की हर बुरी सूचना प्रतिदिन मिल रही हो और सरकारी तंत्र इससे भयभीत हो तो ऐसे सम्मेलनों के आयोजन पर ही स्वाभाविक सन्देह हो जाता है। सरकारी स्तर पर हुईं अनेकों वित्तीय गड़बडि़यों के साक्ष्य उपलब्ध होने पर भी सरकार को यदि अविश्वास प्रस्ताव लाकर गिराने का कोई प्रयत्न नहीं हो रहा है, तो इसकी पृष्ठभूमि में सरकार के सहयोगी दलों और विपक्षी दलों की क्षुद्र सत्ता लोलुपता तथा इस बूते अवैध वित्त पोषण की उनकी मानसिकता स्पष्ट प्रतीत होती है। ऐसे में इस युग की भारतीय राजनीति का धर्म लोक सेवा नहीं बल्कि पूंजीतंत्र की साज-संभाल तक सीमित हो गया है। निश्चित रूप से सूचना अधिकार का परिसीमन करने की इच्छा किसी लोक भलाई की चिंता से प्रेरित नहीं है। जनसाधारण के अधिकारों के हनन पर फल-फूलते वित्ततंत्र ने लोकतंत्र का स्थान ले लिया है। सरकारी घोटालों में शीर्षस्थ लोगों…